Sambhal Jama Masjid: उत्तर प्रदेश के संभल में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान बवाल

कोर्ट के आदेश की अनदेखी

Sambhal Jama Masjid: अगर हमारे देश में कोर्ट या न्यायालय का आदेश दिया जाए और उस पर अमल न हो, तो यह कानून और संविधान का उल्लंघन होगा। ऐसी स्थिति में इसे देशद्रोह भी माना जा सकता है। आज उत्तर प्रदेश के संभल में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान ऐसा ही हुआ।

घटना का विवरण

Sambhal Jama Masjid: सर्वे के दौरान लोगों ने पथराव, आगजनी और भारी हिंसा की। एसपी घायल हो गए और कई सरकारी गाड़ियां फूंक दी गईं। प्रशासन के अधिकारी सर्वे के लिए पहुंचे थे, लेकिन हजारों लोग पहले से इकट्ठा हो गए थे।

उग्र भीड़ ने पुलिस पर हमला किया, जिसके चलते पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा।

सर्वे का विवाद

19 November को कोर्ट ने मस्जिद के सर्वे का आदेश दिया था। इसकी रिपोर्ट 26 November को पेश होनी है। हिंदू पक्ष ने दावा किया है कि यह मस्जिद श्री हरिहर मंदिर है।

तनाव और बयानबाजी

हाल ही में बाबा बागेश्वर धाम के पंडित दिनेंद्र शास्त्री ने हिंदू सनातन एकता यात्रा के दौरान इस विवाद पर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि कानून को अपना काम करने देना चाहिए।

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Conclusion:

प्रशासन और न्यायालय के आदेशों का पालन करना चाहिए। चाहे हिंदू हो या मुस्लिम, हमें कानून का सम्मान करना चाहिए। हिंसा से कोई समाधान नहीं निकलता। आइए, शांति और भाईचारे को बनाए रखें।

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