New Delhi: लोकसभा में गुरुवार को एक अहम घटनाक्रम हुआ, जब टीएमसी सांसद Kalyan Banerjee ने केंद्रीय मंत्री Jyotiraditya Scindia के खिलाफ की गई अपनी टिप्पणी के लिए न केवल सदन में माफी मांगी, बल्कि लिखित रूप में भी स्पीकर को खेद व्यक्त किया।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
बुधवार को आपदा प्रबंधन अधिनियम में संशोधन पर चर्चा के दौरान, Kalyan Banerjee ने केंद्र सरकार पर कोविड-19 महामारी के दौरान असहयोग का आरोप लगाया। इस पर गृह राज्य मंत्री Nityanand Rai और बाद में Jyotiraditya Scindia ने उनका विरोध किया। सिंधिया ने केंद्र सरकार की नीतियों का बचाव करते हुए कहा कि भारत महामारी के दौरान एक “विश्व बंधु” के रूप में उभरा और पूरी दुनिया की मदद की।
क्या हुआ हंगामे के दौरान?
बनर्जी ने सिंधिया पर कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, जिन्हें सदन के अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही से हटाने का आदेश दिया। इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई, जिसके कारण कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
स्पीकर का क्या कहना था?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी सदस्य को किसी साथी सांसद या महिलाओं के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया।
बिरला ने यह भी बताया कि कल्याण बनर्जी ने सदन में माफी मांगी और उन्हें लिखित रूप से भी खेद व्यक्त किया।
सिंधिया ने माफी क्यों नहीं स्वीकार की?
सिंधिया ने बनर्जी की माफी को अस्वीकार करते हुए कहा कि व्यक्तिगत हमले किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने कहा:
“हम यहां देश की सेवा करने के लिए आते हैं। हमारी नीतियों और विचारों की आलोचना कीजिए, लेकिन व्यक्तिगत हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।”
सत्ता पक्ष का विरोध जारी
बनर्जी ने दोबारा माफी मांगी, लेकिन सत्तारूढ़ दल के सदस्यों का विरोध जारी रहा। इस वजह से कार्यवाही दो बार और स्थगित करनी पड़ी।