Saudi Arabia Air Strike on UAE: सऊदी ने UAE को दी खुली चेतावनी, Yemen में बमबारी और 24 घंटे का अल्टीमेटम | Middle East Crisis

अरब दुनिया में भूचाल: Saudi Arabia UAE Conflict ने मिडिल ईस्ट की राजनीति हिला दी

Saudi Arabia Air Strike on UAE: सऊदी ने UAE को दी खुली चेतावनी, Yemen में बमबारी और 24 घंटे का अल्टीमेटम | Middle East Crisis
Saudi Arabia Air Strike on UAE

मिडिल ईस्ट की राजनीति में एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। Saudi Arabia Air Strike On UAE की खबरों ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। Yemen में हुई ताजा बमबारी और UAE को दिया गया 24 घंटे का अल्टीमेटम इस बात का संकेत है कि अरब देशों के बीच चल रही अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आ चुकी है।

सऊदी अरब और यूएई में अचानक क्यों बढ़ी तल्खी

सऊदी अरब ने यूएई को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि वह यमन से अपनी सैन्य मौजूदगी तुरंत खत्म करे। आरोप है कि यूएई समर्थित गुटों को हथियार पहुंचाए जा रहे थे। इसी के बाद यमन के मुकल्ला पोर्ट पर हवाई हमला हुआ, जिसने हालात और बिगाड़ दिए।

सऊदी नेतृत्व का मानना है कि यूएई यमन में अलग एजेंडा चला रहा है, जो वहां की वैध सरकार को कमजोर कर रहा है। यही बात दोनों देशों को टकराव की ओर ले गई।

ALSO READ  सऊदी में CALL,SMS,LINK,EMAIL के मामलों पर वार्निंग

यमन बना दोस्ती टूटने की सबसे बड़ी वजह

Saudi Arabia Air Strike on UAE: सऊदी ने UAE को दी खुली चेतावनी, Yemen में बमबारी और 24 घंटे का अल्टीमेटम | Middle East Crisis
Saudi Arabia Air Strike on UAE

2015 में जब यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने राजधानी पर कब्जा किया, तब सऊदी अरब ने एक सैन्य गठबंधन बनाया। उस समय यूएई उसका सबसे मजबूत साथी था। दोनों का मकसद एक था, हूतियों को रोकना और ईरान के प्रभाव को सीमित करना।

लेकिन समय के साथ रणनीति बदल गई। यूएई ने दक्षिण यमन के अलगाववादी गुटों को समर्थन देना शुरू किया, जबकि सऊदी अरब एक मजबूत और एकीकृत यमन चाहता रहा। यहीं से हितों का टकराव शुरू हुआ।

ताजा घटनाक्रम से कैसे बिगड़े हालात

मुकल्ला पोर्ट पर हमले के बाद यमन की सत्ता से जुड़े ढांचे ने यूएई के साथ सुरक्षा समझौते रद्द कर दिए। सीमाएं सील कर दी गईं, एयरपोर्ट और बंदरगाह बंद हुए और यूएई सैनिकों को देश छोड़ने का अल्टीमेटम दिया गया।

दक्षिणी ट्रांजिशनल काउंसिल ने इसे सीधी आक्रामकता बताते हुए यूएई से खुली सैन्य मदद की मांग की। इससे टकराव और गहरा हो गया।

इस टकराव का सबसे बड़ा नुकसान किसे होगा

सबसे ज्यादा नुकसान यमन के आम नागरिकों को होगा। देश पहले ही गृह युद्ध से तबाह है और हालात और खराब हो सकते हैं।
दूसरा बड़ा असर सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन पर पड़ेगा, जो टूटने की कगार पर पहुंच सकता है।
तीसरा प्रभाव तेल बाजार पर दिख सकता है। मिडिल ईस्ट में अस्थिरता बढ़ने से शिपिंग रूट्स पर खतरा होगा और कच्चे तेल की कीमतें ऊपर जा सकती हैं।
वैश्विक राजनीति में भी हलचल तेज होगी। अमेरिका और पश्चिमी देशों की चिंता बढ़ेगी, जबकि चीन और रूस हालात से फायदा उठा सकते हैं।

ALSO READ  Saudi Transport Authority की नई घोषणा: ट्रक ड्राइवरों के लिए अच्छी खबर

अरब दुनिया की सियासत किस दिशा में जाएगी

अगर साफ शब्दों में कहा जाए तो Saudi Arabia UAE Conflict से सबसे बड़ा फायदा ईरान और हूती विद्रोहियों को मिलता दिख रहा है। जो लड़ाई कभी बाहरी प्रभाव के खिलाफ थी, वह अब अरब देशों के बीच की लड़ाई बनती जा रही है।

सवाल यह है कि क्या अरब दुनिया की यह दरार आने वाले समय में पूरी दुनिया को नई अस्थिरता की ओर ले जाएगी। इसका जवाब आने वाले हफ्तों में मिल सकता है।

ALSO READ: UAE Visa Update 2026: क्या जनवरी से सभी वीजा खुल जाएंगे?

Leave a Comment