UAE घरेलू वर्करों के लिए राहत: नए कानून से परेशानी होगी ख़तम

नए कानून के तहत घरेलू वर्करों के परेशानी में तेजी से होगा निपटारा

घरेलू कामगारों और नियोक्ताओं के बीच नए विवाद समाधान नियम



















पहले से तेज़ प्रक्रिया

इस नए कानून के तहत, अब सभी घरेलू वर्कर के विवादों को अंतिम उपाय के रूप में कोर्ट ऑफ फर्स्ट इंस्टेंस (First Court) में ले जाया जाएगा। पहले यह काम कोर्ट ऑफ अपील में किया जाता था। अब यह प्रक्रिया बदलकर कोर्ट ऑफ फर्स्ट इंस्टेंस में की गई है, ताकि विवादों का फैसला और भी तेजी से हो सके।

मोहरे का अहम भूमिका

यूएई मिनिस्ट्री को विवादों का फैसला करने का अधिकार है, अगर दावा की कुल राशि Dh50,000 से ज़्यादा नहीं है या अगर विवाद मोहरे द्वारा पहले से जारी किए गए किसी फैसले के पालन में गैर-अनुपालन से संबंधित है। अगर fixed time period के भीतर आपसी समझौता नहीं हो पाता है, तो मोहरे को विवाद कोर्ट ऑफ फर्स्ट इंस्टेंस में भेजना होगा।

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कोर्ट ऑफ फर्स्ट इंस्टेंस में आखरी फैसला 

विवाद का कोई भी पक्ष — मोहरे के फैसला के सूचित होने के 15 दिन के अंदर — कोर्ट ऑफ फर्स्ट इंस्टेंस में एक मुकदमा दाखिल कर सकता है। इस मामले में कोर्ट ऑफ फर्स्ट इंस्टेंस का आखरी फैसला होता है, और मुकदमा दाखिल करने से मंत्रालय के फैसले की प्रक्रिया को रोक दिया जाएगा।

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नई नीतियों का महत्व

ये नए कानून संयुक्त अरब अमीरात के Extensive labor कानून में बदलावों के मोताबिक हैं और इसका मुख्य उद्देश्य विवादों के समाधान की प्रक्रिया को और तेज करना है। इससे घरेलू वर्करों और उनके नियोक्ताओं (Employers) के बीच के विवादों को सहीह तरीके से ख़तम किया जा सकेगा, जिससे दोनों पक्षों को सहीह न्याय मिल सके।

FAQs

  1. नए नियम कब से लागू होंगे?

    नए कानून के तहत संयुक्त अरब अमीरात सरकार के फरमान लागू हो चुके हैं और अब सभी घरेलू वर्करों के विवादों में इनका पालन किया जाएगा।

  2. मोहरे के फैसलाः को कैसे चुनौती दी जा सकती है?

    मोहरे के निर्णय के खिलाफ, विवाद का कोई भी पक्ष 15 दिन के अंदर कोर्ट ऑफ फर्स्ट इंस्टेंस में मुकदमा दाखिल कर सकता है।

  3. अगर विवाद का दावा Dh50,000 से अधिक हो, तो क्या प्रक्रिया होगी?

    ऐसे मामलों में मोहरे विवाद का निपटारा कर सकता है, लेकिन अगर विवाद का दावा Dh50,000 से अधिक हो, तो मामला कोर्ट ऑफ फर्स्ट इंस्टेंस में भेजा जाएगा।

  4. अगर आपसी समझौता नहीं हो पाता, तो क्या होगा?

    अगर दिए गए वक़्त के अंदर दोनों पक्षों में आपसी समझौता नहीं हो पाता है, तो मामला कोर्ट ऑफ फर्स्ट इंस्टेंस में भेजा जाएगा।

conclusion

यूएई में घरेलू कामगारों, नियोक्ताओं और भर्ती कंपनियों के बीच विवादों को तेजी से और आसान तरीके से सुलझाने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। ये नियम न केवल विवादों के समाधान में तेजी लाएंगे, बल्कि विवादित पक्षों को न्याय दिलाने में भी अहम भूमिका निभाएंगे। इससे संबंधित किसी भी जानकारी के लिए, कृपया अपने नजदीकी कानूनी सलाहकार से संपर्क करें।

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