Justice Nariman on Ayodhya Verdict: जस्टिस नरीमन ने बाबरी मस्जिद मामले में खुलासे किए

Ayodhya Verdict Date और विवाद

Justice Nariman ने अयोध्या फैसले (Ayodhya Verdict) पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि 6 December 1992 को अयोध्या की बाबरी मस्जिद गिरा दी गई थी। इसके बाद, 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने Ayodhya Verdict सुनाया और विवादित जमीन हिंदू पक्ष को दे दी। इसी फैसले के बाद राम मंदिर construction शुरू हुआ, जो 2024 में तैयार हो गया है।

Justice Nariman on Ayodhya Verdict पर टिप्पणी

Justice Nariman ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में Secularism को अनदेखा किया गया। उनके मुताबिक, न्याय का मजाक बनाया गया और Ayodhya Verdict में Secularism की धज्जियां उड़ाई गईं।

लिब्रहान आयोग और रिपोर्ट

Justice Nariman ने यह भी कहा कि बाबरी मस्जिद गिराए जाने की जांच के लिए बने Liberhan आयोग ने 17 साल तक कोई ठोस काम नहीं किया। यह आयोग 2009 में अपनी रिपोर्ट दे पाया, लेकिन इसमें भी न्याय प्रक्रिया कमजोर रही।

1991 का पूजा स्थल अधिनियम और Ayodhya Verdict

उन्होंने 1991 के पूजा स्थल अधिनियम (Places of Worship Act) की तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस कानून को लागू करने से Ayodhya Verdict जैसे विवादों को रोका जा सकता है।

Ayodhya Verdict Date और धार्मिक झगड़े

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1994 में “M Ismail Farooqui बनाम भारत सरकार” मामले में भी अयोध्या विवाद पर चर्चा हुई थी। Justice Nariman का मानना है कि इस फैसले में भी ऐतिहासिक तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया।

Conclusion:

जस्टिस नरीमन का बयान इस विवाद को नया मोड़ दे सकता है। उन्होंने Ayodhya Verdict को लेकर उठाए सवालों और 1991 के Places of Worship Act पर अपनी राय देकर एक नई बहस शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि इस पर आगे क्या प्रतिक्रियाएं आती हैं।

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